त्रिकोणासन के फायदे और करने का तरीका
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त्रिकोणासन |
- इस आसन को करने से आपके पेट पर जमी अनावश्यक चर्बी कम होने लगती है देखते ही देखते आपका मोटापा कम होने लगता है।
- एसिडिटी से छुटकारा मिलता है।
- चिंता, तनाव कम होता है। मन में नई उमंग आती है।
- रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आने लगता है।
- तेज गति से इसका अभ्यास करने से पूरे शरीर का एक्सर्साइज़ होता है।
- जाँघ, घुटने और टखने मजबूत होते हैं।
- प्रजनन पार्ट्स में सुधार और बांझपन को दूर करता है।
- शरीर को संतुलित करता है।
- पाचन तंत्र को बल मिलता है। कब्ज, गैस और डाइबिटीज़ को दूर करने में हेल्प मिलती है।
- नियमित एक्सर्साइज़ से आपके गर्दन, पीठ, कमर और पैर के सभी हिस्से मजबूत होते हैं।
त्रिकोणासन करने का तरीका
- अपने पैरों को चौड़ा करके बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं।
- अपनी लंबाई के हिसाब से दोनों पैरों के बीच कम से कम दो या तीन फीट उचित स्थान बनाकर खड़े रहें।
- अपनी रीढ़ को मोड़ें नहीं बल्कि एकदम सीधे खड़े रहें। इसके बाद अपनी भुजाओं को फर्श के समानांतर लाएं और अपनी हथेली को नीचे की ओर ले जाते हुए सांस लें।
- अब धीरे- धीरे सांस छोड़ें और अपने शरीर को बायीं ओर मोड़ें और अपनी बायीं हाथ की उंगली से फर्श को छूएं और बाएं टखने को स्पर्श करें।
- आपका दाहिना हाथ बिल्कुल सीधे होना चाहिए। अब अपने सिर को घुमाएं और दाहिने हाथ की उंगली की नोक को देखें।
- इस मुद्रा को पांच से सात बार दोहराएं और फिर गहरी सांस लेते हुए हाथों को बिल्कुल सीधे करते हुए एकदम सीधे पहले की तरह खड़े हो जाएं। अब कम से कम पांच से दस बार गहरी सांस लें।
- सांस छोड़ दें और अपने कूल्हे को दाहिनी ओर झुकाएं और दाहिने हाथ की उंगली से फर्श को छूएं और दाहिने हाथ दाहिने पैर के टखने को जरूर छूना चाहिए।
- दस सेकंड के लिए इसी मुद्रा में रहें।
- उसके बाद हाथों को सीधा रख अपने स्थान पर खड़े हो जाएं और सांस (inhale) लें।
- अगर आप दोनों तरफ से यह आसन करते हैं तो इसे त्रिकोणासन का एक राउंड कहा जाता है।
- जब हम इस आसन को छह राउंड तक करते हैं तो इसे त्रिकोणासाना कहा जाता है।
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